कुरुक्षेत्र स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) परिसर में आज दिन भर भारी गहमागहमी का माहौल रहा। बीते दिनों संस्थान में हुई एक छात्र की आत्महत्या के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले की तह तक जाने के लिए मंत्रालय की ओर से एक नई और उच्च स्तरीय चार सदस्यीय जांच टीम आज संस्थान पहुंची। जांच का दायरा बढ़ा: हॉस्टल से फैकल्टी तक पूछताछ गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार को दो सदस्यीय टीम अपनी जांच पूरी कर लौट गई थी, लेकिन आज एक बार फिर बड़ी टीम के आगमन से संस्थान में हड़कंप मच गया है। इस नई कमेटी में शिक्षा जगत के दिग्गज शामिल हैं: -डॉ. अनिल सहस्रबुद्धे (मंत्रालय प्रतिनिधि) -प्रो. बिनोद (डायरेक्टर, NIT जालंधर) -डॉ. रीना सोनवाल -डॉ. नागपाल यह टीम आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए हॉस्टल के कमरों का निरीक्षण कर रही है और मृतक छात्र के सहपाठियों के साथ-साथ विभिन्न विभागों की फैकल्टी से भी गहन पूछताछ कर रही है। पूर्व निदेशक की जांच के लिए अलग कमेटी संस्थान में केवल आत्महत्या का मामला ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक अनियमितताओं की भी जांच चल रही है। एक अन्य कमेटी पूर्व निदेशक के कार्यकाल और उनसे जुड़े मामलों की अपने स्तर पर जांच करने के लिए यहाँ मौजूद है। एक साथ दो-दो कमेटियों की उपस्थिति ने परिसर के वातावरण को काफी गंभीर बना दिया है।