करनाल के सेक्टर-6 के शिव मंदिर में चल रही शिव महापुराण कथा में प्रवचन करते हुए रामकरण शास्त्री ने सती की भक्ति के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि किस तरह शिव आलोचना सुनने पर सती माता ने अपना शरीर यज्ञ कुंड में भस्म कर दिया। जब शिवजी ने सती की देह को लेकर भ्रमण किया तो नारायण के चक्र से सती माता के शरीर 51 स्थानों पर गिरा, जहां शक्ति पीठों की उत्पति हुई। सती माता के कुंडल काशी में, कंठ अमरनाथ में और वृंदावन में केश गिरे। वृंदावन में शक्तिपीठ कात्यायनी देवी की पूजा गोपियों ने नारायण का पाने के लिए की।