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करनाल: सकारात्मकता के साथ दूसरों के राह दिखा रहे सेक्टर छह के वरिष्ठ नागरिक

शाहिल शर्मा Updated Wed, 29 Oct 2025 07:57 PM IST

तू जिंदगी को जी, उसे समझने की कोशिश न कर। वक्त के साथ चल, वक्त को बदलने की कोशिश न कर। दिल खोल के सांस ले, अंदर ही अंदर घुटने की कोशिश न कर। कुछ बातें भगवान पर भी छोड़ दे, सब कुछ खुद सुलझाने की कोशिश न कर। ये कविता बुधवार को सेक्टर छह के सामुदायिक केंद्र में वरिष्ठ नागरिक मंच से विष्णु शर्मा ने सुनाई। वे मुख्य रूप से देश के युवाओं के लिए इसे साझा कर रहे थे। इस दौरान वरिष्ठ नागरिक राजेश वर्मा ने अपनी मधुर आवाज से गीत गाकर सभी को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने तकदीर में अंधेरे ही अंधेरे हैं, नजर आती नहीं मंजिल...तड़पने से भी क्या हासिल गीत गाया। एक जान और 100 दुश्मन, काश ये जान ही न होती पंक्तियों ने सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा दिया। वरिष्ठ नागरिक केंद्र सेक्टर छह के महासचिव एमएम गिरधर ने बताया कि इस केंद्र में हर रोज सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक वरिष्ठ नागरिक आते हैं, तरह तरह की गतिविधियों में सहभागिता करते हैं। वरिष्ठ नागरिक रोजाना सकारात्मकता के साथ अब दूसरों को राह दिखाने के लिए प्रयासरत हैं। रोजाना इनके कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु भक्ति के साथ होती है। इसके बाद ये अपने विचार साझा करते हैं। फिर एक दूसरे का मनोरंजन करने के लिए अपनी कलाओं का प्रदर्शन भी करते हैं। इनमें कोई अपनी संदेश भरी कविताएं सुनाता है तो कोई अपने गानें, कोई ज्ञान भरे उपदेश देता है तो कोई योगा करवा स्वस्थ रहने का संदेश देता है। इनकी खास बात ये है कि यहां कोई भी नागरिक व्यसन नहीं करता। यहां सभी धर्मों का मान होता है, सभी की धार्मिक भावनाओं पर चर्चाएं होती हैं। ये वरिष्ठ नागरिक अपनी कलाओं से एक दूसरे के सुख दुख को साझा करते हैं और जीवन में खुशियों के रंग भरने का प्रयास करते हैं। उनकी ये दैनिक दिनचर्या है। वे अपनी सकारात्मक उर्जा से सभी को खुशहाली का रास्ता दिखा रहे हैं कि कैसे जीवन के इस पड़ाव में भी शांति और सुखी जीवन जीया जा सकता है।

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