करनाल। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बिजली कर्मचारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। राजीव गांधी विद्युत सदन सेक्टर 12 करनाल सर्कल में मीटिंग करने के बाद जिला सचिवालय तक कर्मचारी नारेबाजी करते हुए पहुंचे। यहां तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। अध्यक्षता संयुक्त रूप से युवराज राठौर हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन, महावीर सिंह हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर यूनियन, विशाल बनवाला सर्कल सचिव ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन ने की। मीटिंग का संचालन गुरमीत सैनी सर्कल सचिव एचएसईबी वर्कर यूनियन और विशाल बनवाला सर्कल सचिव एएचपीसी वर्कर यूनियन ने किया। मीटिंग को मुख्य रूप से राजेंद्र राणा महासचिव ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन और देवेंद्र शर्मा चेयरमैन हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड ने संबोधित किया। यूनियन नेताओं ने हरियाणा एग्री डिस्कॉम बनाने की प्रस्तावित योजना, गुरुग्राम और नूंह में निजी बिजली वितरण लाइसेंस तथा स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की। उनका कहना है कि कृषि फीडरों की व्यवस्था पहले से अलग है, इसलिए नई कंपनी बनाने की आवश्यकता नहीं है। संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने कहा कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लंबे समय से अपनी न्यायोचित मांगों की अनदेखी से परेशान हैं। कई दौर की बातचीत और ज्ञापनों के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी कारण सर्वसम्मति से 11, 12 और 13 अगस्त को प्रदेशभर में तीन दिवसीय पूर्ण हड़ताल करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि सरकार एग्री डिस्कॉम गठन की अधिसूचना जारी करती है तो यही ज्ञापन अनिश्चितकालीन हड़ताल का अग्रिम नोटिस माना जाएगा। इस अवसर पर सहायक अभियंता सुभाष पन्नू, गौरव शर्मा, वीरेंद्र सिंह, दीपक गर्ग, कार्यकारी अभियंता रवि काजल, राकेश संधू, विकास कुमार, रमेश घरौंडा, मलकीत सिंह, सीताराम, राजकुमार चौधरी, रविंद्र मान, सुरेंद्र रेड्डू, संजील, नरेंद्र पहल, राजीव राठी, सुरेंद्र कंबोज, जोगिंदर सिंह, कैलाश, युवराज, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुशील गुर्जर, जिला सचिव सेवाराम और पूर्व राज्य उपप्रधान एनपी सिंह चौहान सहित सैकड़ो बिजली कर्मचारी मौजूद रहे।