महिलाओं की आत्मरक्षा को लेकर मुहिम के तहत मंगलवार को कुमारी विद्यावती आनंद डीएवी महिला महाविद्यालय में अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मार्शल आर्ट कोच सतीश ने छात्राओं को ताइक्वांडो और अन्य मार्शल आर्ट की बुनियादी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान काॅलेज की छात्राओं ने हिस्सा लिया और कहा कि वह इन तकनीकों को सीख छेड़खानी करने वाले मनचलों को जवाब दे सकेंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या मीनू शर्मा ने की। अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो और मार्शल आर्ट कोच सतीश कुमार राणा ने छात्राओं को आत्मसुरक्षा के गुर व तकनीक सिखाए। कोच सतीश ने बताया कि अगर राह चलते कोई छेड़खानी या पकड़ने लगे तो तो घबराने की जगह दिमाग को स्थिर कर उसके हाथों को तकनीकों के जरिये लोक करें, इससे बचाव के साथ-साथ दुश्मन पर हमला भी होगा। उन्होंने छात्राओं को स्वयं को बचाने के लिए लाइव डेमो दिया जिसमें हाथ पकड़ने पर छुड़ाने की तकनीक, पीछे से पकड़ने की स्थिति में बचाव, बाल पकड़ने पर प्रतिक्रिया, बैग या दुपट्टे के सहारे बचाव, कमजोर हिस्सों पर प्रहार करने की सही तकनीक और गिरने और उठने की सुरक्षित ट्रिक बताई गईं। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा केवल शारीरिक ताकत का विषय नहीं है, बल्कि मानसिक सतर्कता और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता भी उतनी ही जरूरी है। कार्यक्रम का मंच संचालन डाॅ दिप्ति शर्मा ने की। वहीं प्राचार्या मीनू शर्मा ने कहा कि आत्मरक्षा की इन तकनीकों को सीख लड़कियां भविष्य किसी प्रकार की होने वाली घटनाओं में स्वयं का आसानी से बचाव कर सकेंगी। इन प्रशिक्षण से कुछ तकनीकों के माध्यम से कुछ हद तक स्वयं का बचाव जरूर किया जा सकता है। इस मौके पर शारीरिक शिक्षा विभाग से डाॅ सुमन, डाॅ रीना बाल्यान, डाॅ अनुराधा नागिया, डाॅ सुषमा ठाकुर और किरण मौजूद रहीं।