पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, तितरम में हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा "किशोरावस्था: नाजुक क्षण एवं भविष्य निर्माण में निर्णय का महत्व" विषय पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मंडलीय बाल कल्याण अधिकारी रोहतक एवं राज्य नोडल अधिकारी अनिल मलिक ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। निर्णय लेने की प्रक्रिया का महत्व अनिल मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि "किशोरावस्था में लिए गए निर्णय जीवन की दिशा तय करते हैं।" यह शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक बदलाव की अवस्था होती है, जहां हर कदम सोच-समझकर उठाना आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को भावनाओं में बहकर निर्णय न लेने, परिवर्तन से न डरने और दूरगामी परिणामों को ध्यान में रखकर लक्ष्य निर्धारित करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि जीवन में सही निर्णय लेने के लिए स्पष्ट प्राथमिकताएं तय करना, आवश्यक जानकारी जुटाना और तर्कसंगत सोच अपनाना जरूरी है। साथ ही, उन्होंने भावनात्मक बुद्धिमत्ता को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि दूसरों की भावनाओं को समझने और नियंत्रित करने की योग्यता विकसित करनी चाहिए। करियर और मानसिक स्वास्थ्य पर सुझाव विशेष परामर्शदाता नीरज कुमार ने छात्रों को करियर चुनाव से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें बताते हुए कहा कि रुचि, ज्ञान और क्षमता का सही आकलन करने के बाद ही कोई निर्णय लेना चाहिए। संयुक्त अध्यक्षता कर रहे जिला बाल कल्याण अधिकारी बलबीर चौहान और प्रिंसिपल सुचिता गुप्ता ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य और प्रेरणादायक सेमिनार किशोरों के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं।