इस बार की गर्मी में शहर के लोगों को नहीं पेयजल आपूर्ति की समस्या नहीं होगी, क्योंकि गर्मी से पहले ही जनस्वास्थ्य विभाग ने प्यौदा रोड स्थित बूस्टिंग स्टेशन पर बनाए नए बने टैंक शुरू कर दिए हैं। विभाग की ओर से दो नए टैंक में से एक को शुरू कर दिया गया है। जबकि बचे एक टैंक को भी अप्रैल महीने से पहले ही शुरू कर दिया जाएगा। बता दें कि सरकार की घोषणा के तहत जनस्वास्थ्य विभाग ने करीब डेढ़ साल पहले ही करीब सात करोड़ रुपये की लागत से इन टैंकों का निर्माण शुरू किया गया था, जो अब पूरा कर लिया गया है। इस समय शहर के 70 प्रतिशत इलाके में नहरी पानी की सप्लाई होती है। टैंकों की कमी के चलते शहर के ऊपरी इलाकों में गर्मी के समय मई व जून में पेयजल आपूर्ति की समस्या होती थी, लेकिन टैंक बनने के बाद समस्या का हल हो जाएगा। नए टैंकों में भर दिया है पानी, आपूर्ति भी शुरू विभाग की ओर से नए बने एक टैंक में स्टोरेज के लिए पानी भर दिया है। इन दोनों टैंकों की पानी स्टोरेज की क्षमता प्रति टैंक 17.35 मिलियन लीटर पानी की है। वहीं, इससे पहले विभाग के पास तीन अन्य वाटर स्टोरेज टैंक भी हैं, जिनकी क्षमता 452 मिलियन लीटर पानी स्टोरेज की है। ये पानी 24 दिनों के लिए स्टोरेज किया जाता है। अब 32 दिनों के लिए पानी स्टोरेज किया जा सकेगा। जबकि पहले केवल 24 दिन तक की स्टोरेज की क्षमता विभाग के पास थी। ऐसे में नहर में पानी की सप्लाई में देरी होने पर विभाग की तरफ से पानी की सप्लाई कम करनी पड़ती थी। कई काॅलोनियों में तो एक समय ही पानी की सप्लाई देनी पड़ती थी, लेकिन इन दो टैंकों के बनने से लोगों को पानी की समस्या नहीं आएगी। शहर में कुरुक्षेत्र की तरफ से आ रही सिरसा ब्रांच के पानी से पीने के पानी की आपूर्ति की जाती है। शहर में गर्मी में प्रतिदिन होती है 37 मिलियन पानी की आपूर्ति विभाग की ओर से शहर में गर्मी में प्रतिदिन 37 से 40 मिलियन पानी की सप्लाई की जाती है। विभाग की तरफ से पहले तीन वाटर स्टोरेज टैंकों बनाए गए हैं, लेकिन नहरों में पानी की सप्लाई प्रभावित होने पर इन टैंकों में स्टोरेज किया गया पानी कम पड़ जाता है, ऐसे में विभाग को पानी की सप्लाई में कटौती करनी पड़ती है। नए टैंकों में पानी स्टोरेज होने के बाद सप्लाई बढ़ेगी। इसके अलावा यहां तीन ट्यूबवेल भी लगाए गए हैं। यह ट्यूबवैल नहर में पानी न आने की स्थिति में पानी के स्टोरेज करने के लिए लगाए गए हैं। गर्मी की आहट शुरू होने के बाद शहर में पानी की आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है। अब दो नए वाटर टैंक बनाए गए हैं, जिनकी क्षमता भी पुराने टैंकों से अधिक है। इनमें से एक टैंक में पानी भर दिया है। पानी स्टोरेज से अब शहर में सप्लाई बाधित नहीं होगी। दूसरा टैंक अप्रैल माह में शुरू कर दिया जाएगा। अब विभाग के पास कुल पांच टैंक हो गए हैं। अब 24 दिनों के बजाय 32 दिनों तक पानी स्टोरेज हो सकेगा। अगर नहर में पानी लेट हो गया, तब भी कोई समस्या पेयजल को लेकर नहीं आएगी। - गोपाल वेद, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग कैथल।