खनौरी बॉर्डर पर जारी किसान नेता जगजीत डल्लेवाल के अनशन के 100 दिन पूरे होने पर बुधवार को किसान संगठनों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने जिला सचिवालय के पार्क में एक दिन का धरना दिया और सांकेतिक भूख हड़ताल की। बता दें कि पिछले लंबे से किसानों की एमएसपी को लेकर कानून बनाने की मांग है। धरने के दौरान भारतीय किसान यूनियन धन्ना भगत के प्रधान होशियार सिंह गिल ने बताया कि सरकार किसानों की मांग को पिछले लंबे समय से अनदेखा कर रही है। किसान शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। किसानों की केवल एमएसपी को लेकर कानून बनाने की मुख्य मांग है, लेकिन सरकार यह मांग पूरा करने की बजाय किसानों पर ही अत्याचार कर रही है। गिल ने कहा कि धरने के माध्यम से किसानों की मांगों को सरकार के समक्ष रखा गया। किसान नेताओं ने यह भी कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही मांग की कि सरकार किसानों की तरफ ध्यान दे और उनकी मांगों पर तुरंत विचार कर उन्हें जल्द से जल्द पूरा करे। ये हैं किसानों की मांगें - किसानों और मजदूरों की पूर्ण कर्ज मुक्ति की जाए। - भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को पूरे देश में पुनः लागू किया जाए एवं भूमि अधिग्रहण से पहले किसानों की लिखित सहमति व मार्केट रेट से 4 गुणा मुआवजा देने के प्रावधान किया जाए। - पूरे देश के किसानों के लिए सभी फसलों की एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून बनाया जाए और डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार फसलों के भाव तय किए जाएं। - लखीमपुर खीरी नरसंहार के दोषियों को सजा एवं पीड़ित किसानों को न्याय दिया जाए। - भारत विश्व व्यापार संगठन से बाहर आए एवं सभी मुक्त व्यापार समझौतों पर रोक लगाई जाए। - किसानों और खेत मजदूरों को पेंशन दी जाए। - दिल्ली कूच के दौरान मृतक किसानों को मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए - विद्युत संशोधन विधेयक 2020 को रद्द किया जाए। - मनरेगा के तहत प्रति वर्ष 200 दिन का रोजगार, 700 रुपये का मजदूरी भत्ता दिया जाए व मनरेगा को खेती के साथ जोड़ा जा ए।