मजदूर एकता केंद्र(एम ई के) के सदस्यों व असंगठित मजदूरों ने शहीद भगत सिंह चौक पर एकत्रित होकर एक लेबर चौक बनवाने की मांग को लेकर रोष स्वरूप भूख हड़ताल शुरू कर दी। मजदूरो ने नरवाना प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। एम ई के के सदस्य विक्रम ने मजदूरों ने लगातार पिछले दो साल से लेबर चौक की मांग को लेकर सभी प्रशासनिक अधिकारियों से मिल चुके हैं, और साथ में नरवाना के विधायक कृष्ण बेदी को भी इस बारे में अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अभी तक प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। आज उसी का नतीजा है कि असंगठित क्षेत्र के सैंकड़ों मजदूर गर्मी, सर्दी और बरसात के मौसम में यहीं सड़क पर इधर उधर भटकने को मजबूर होते हैं। एक स्थाई जगह न होने के कारण जब ये मजदूर दुकानों के आगे बैठते है तो, दुकानदार उन्हें गाली गलोच करते हुए वहां से उठा देते है। एक स्थाई जगह ने होने के कारण और काम ने मिल पाने कारण पूरा दिन उन्हे इधर उधर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ता है। संगठन के सदस्य लंबे समय से लेबर चौक की मांग कर रहे है, लेकिन प्रशासन सिर्फ झूठे आश्वासन दे रहा है। कुलदीप ने कहा कि ये बड़े शर्म की बात है कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी का काम करने वाले मजदूरों को आज सरकार एक स्थाई जगह तक मुहैया करवाने में असफल नजर आ रही है। सरकार विज्ञापनों के माध्यम से तो दिखाने का प्रयास कर रही है कि उन्होंने मजदूरों की जिंदगी में बहुत बड़े बदलाव कर के उन्हें खुशहाल कर दिया है लेकिन जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। आज असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की एक विश्राम गृह तक नसीब नहीं हो रहा है। ऐसे में मजदूर एकता केंद्र मांग करता है कि जल्द से जल्द असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए एक लेबर चौक का निर्माण किया जाए अन्यथा इस मांग को लेकर मजदूर आंदोलन और भूख हड़ताल इसी प्रकार से जारी रखेंगे।