गांव बड़नपुर में गंदे पानी की निकासी की समस्या को लेकर ग्रामीणों का धरना वीरवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता सुरेश शर्मा ने की। ग्रामीणों ने प्रशासन पर समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए जल्द स्थायी समाधान की मांग उठाई। धरने को संबोधित करते हुए सुरेश शर्मा ने कहा कि गांव में गंदे पानी की निकासी नहीं होने के कारण बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि यदि डीसी जींद द्वारा नियुक्त मजिस्ट्रेट एवं बीडीपीओ उचाना ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो गांव में डेंगू, मलेरिया, उल्टी-दस्त जैसी बीमारियां फैल सकती हैं। धरने के दौरान गांव के बुजुर्ग कलवंत श्योकंद, जो हृदय और शुगर के मरीज हैं, ने सोशल मीडिया और धरना स्थल से घोषणा की कि यदि 20 मई तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो वह 21 मई से मरणव्रत शुरू करेंगे। वहीं सतीश तीशा ने कहा कि पहले की तरह गंदे पानी की निकासी जलघर और स्वर्ग आश्रम की जमीन में करना केवल अस्थायी उपाय होगा, जिससे समस्या का समाधान नहीं होगा। शहीद भगत सिंह इंकलाब मंच हरियाणा इकाई बड़नपुर के प्रधान एवं पूर्व सरपंच डॉ. जोगिन्द्र श्योकंद बड़नपुर ने बताया कि मामले को जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ के संज्ञान में लाया गया है। उन्होंने कहा कि गंदे पानी के कारण बड़नपुर जलघर का पानी दूषित होने का खतरा है, जिससे बड़नपुर, सुंदरपुरा और बद्दोवाला गांवों के लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। इस मौके पर वेद श्योकंद, लीलू प्रधान, रामनिवास शर्मा, सुरेश श्योकंद, कुलदीप नायक, प्रेम नायक, पप्पू शर्मा, वेद कोच, पौना ग्रोवर, नानूराम जांगड़ा, सुरेश वर्मा मौजूद रहे।