जींद में अचानक से शुरू हुई धूंध ने हर किसी को परेशानी में डाला। सायं होते ही कोहरा छाने लगा था। रात को लगभग साढ़े सात बजे के बाद दृश्यता कम होगी गई, जोकि दो मीटर तक सीमित रही। इसके कारण रात को वाहनों की कतार सडक़ों पर लगी। वाहन चालक दूसरे वाहनों के पीछे अपने वाहन लगाकर सफर तय कर रहे थे। वहीं बाइक चालक व अन्य लोगों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। मंगलवार को शादी समारोह ज्यादा होने के कारण भी ज्यादा परेशानी हुई। सुबह के समय धूंध से राहत जरूर मिली। सुबह धूंध में दस मीटर तक की दृश्यता रही। रात भर धूंध पड़ी तो सुबह दस बजे के बाद कुछ हद तक राहत मिली, लेकिन धूप नहीं निकली। अचानक पडऩे वाली धूंध के कारण बीमारियों के बढऩे का भी डर रहता है। नागरिक अस्पताल के डिप्टी एसमएस डॉ. राजेश भोला ने बताया की धूंध से हर किसी कोबचना चाहिए। जरूरत के अनुसार ही वाहन चलाएं। एक तो दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं का डर रहता है। दूसरी तरफ इससे बच्चे व बुजुर्गों के बीमार होने का ज्यादा डर रहता है।