कस्बे की नई अनाज मंडी में आढ़तियों और किसानों द्वारा सरकार के नए नियमों के विरोध में शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। मंडी में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा और आढ़तियों के साथ-साथ किसानों ने भी धरने में भाग लेकर अपना रोष प्रकट किया। धरने की अध्यक्षता आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान पवन लाठर ने की। धरने को संबोधित करते हुए पवन लाठर ने कहा कि सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जो किसानों और आढ़तियों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना जमीनी हकीकत को समझे नए-नए नियम थोपे जा रहे हैं, जिससे मंडी व्यवस्था चरमरा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट अनिवार्य करना और बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करना पूरी तरह अव्यवहारिक है। इससे किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि मंडी का समय सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक सीमित करना भी गलत फैसला है। अधिकांश किसान रात के समय कंबाइन से फसल कटवाते हैं और उसी अनुसार मंडी में फसल लेकर आते हैं। ऐसे में समय सीमा तय करने से उन्हें भारी दिक्कतें आएंगी। आढ़तियों ने इन फैसलों को तुगलकी फरमान बताते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की। धरने के दौरान किसान नेता और ढांडा खाप के पूर्व प्रधान नरेश ढांडा ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि यदि दो दिनों के भीतर बायोमेट्रिक नियम वापस नहीं लिया गया तो वह अपना अंगूठा काटकर मुख्यमंत्री को भेजेंगे।