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बहादुरगढ़ में डीसी दरबार में विधवाओं व बुजुर्गों की गुहार, महीनों से बंद पेंशन से बढ़ी परेशानी

Naveen Updated Thu, 19 Mar 2026 04:00 PM IST

वीरवार को बहादुरगढ़ स्थित एसडीएम कार्यालय में आयोजित डीसी दरबार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से उठी। जिला उपायुक्त रविंद्र स्वप्रिल पाटिल ने बुजुर्गों और विधवा महिलाओं की शिकायतें सुनी और संबंधित अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए। लाभार्थियों ने बताया कि पिछले कई महीनों से उनकी पेंशन या तो बंद है या खाते में नहीं पहुंच रही, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासनिक दफ्तरों के लगातार चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। लाभार्थियों का कहना है कि तकनीकी खामियों और दस्तावेजों में त्रुटियों के चलते उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। इस पर डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मामलों की जांच कर जल्द से जल्द पात्र लोगों की पेंशन बहाल की जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके। 65 वर्षीय मॉडल टाउन निवासी सुनहरी ने बताया कि उनकी पेंशन पिछले तीन महीने से नहीं आई है। उन्होंने बैंक खाता बदलने के लिए आवेदन किया, लेकिन प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई। सरकार की ओर से बुजुर्गों की पेंशन न दिए जाने के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। कभी झज्जर तो कभी बहादुरगढ़ के कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद समाधान नहीं हुआ। अधिकारियों ने उन्हें झज्जर कार्यालय जाने के लिए कहा है। मॉडल टाउन निवासी जीवनी ने बताया कि पहले उनकी पेंशन नियमित रूप से उसी खाते में आती थी, लेकिन पिछले तीन महीनों से बंद है। कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। राम नगर की शानू ने कहा कि वह विधवा हैं और बच्चों की जिम्मेदारी उन पर है। 33 वर्षों से वह पेंशन ले रही हैं, लेकिन अब पांच महीने से पेंशन नहीं मिलने के कारण उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वोट कार्ड में उम्र ज्यादा थी, लेकिन वह भी ठीक करवा दी गई, फिर भी पेंशन नहीं मिल पा रही है। मुख्तयार सिंह की पत्नी ने बताया कि उनके पति की पेंशन दिसंबर से मार्च तक रुकी हुई है। परिवार में बीमारी और आर्थिक तंगी के चलते हालात और बिगड़ गए हैं। वे स्वयं बीमार हैं और चल फिर नहीं सकते हैं। ऐसे में उनकी पेंशन की समस्या को लेकर उनकी पत्नी डीसी से गुहार लगाने पहुंची। बादली की 82 वर्षीय धन्नो के पौते सचिन ने कहा कि उनकी दादी की पेंशन नवंबर से बंद है। फेमिली आईडी में घर का बिजली मीटर उनके नाम पर दर्शाया गया है, लेकिन मीटर उनके नाम नहीं है। फिर भी पेंशन नहीं मिल रही है। इसी समस्या को लेकर वे यहां पहुंचे हैं। वहीं उन्होंने बताया कि उनकी मां शकुंतला के नाम पर गलत तरीके से रोहतक में 120 गज का प्लाट दर्शाया गया है, जबकि उनके पास कोई जमीन नहीं है।

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