गांव गुभाना स्थित लोकहित पुस्तकालय में गुरुवार को भारतीय राष्ट्रगान के रचयिता एवं नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस दौरान समिति सदस्यों और ग्रामीणों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष नरेश कौशिक ने रवीन्द्र नाथ टैगोर के जीवन और साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 7 मई 1861 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने अपने जीवनकाल में करीब एक हजार कविताएं, आठ उपन्यास, आठ कहानी संग्रह, 2200 से अधिक गीत तथा विभिन्न विषयों पर अनेक लेख लिखे। उन्होंने बताया कि टैगोर विश्व की ऐसी महान विभूति थे, जिनके लिखे गीत तीन देशों के राष्ट्रगान का हिस्सा बने। वे एशिया के पहले साहित्यकार थे, जिन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।