हाल ही में सरकारी भर्ती के बाद चयनित हुए पटवारियों ने भी अब अपना दर्द बयां करना शुरू किया है। सोमवार को नव चयनित पटवारी यहां झज्जर जिला मुख्यालय पर एकत्रित हुए और अपनी मांगों का एक ज्ञापन सरकार के नाम डीआरओ प्रमोद चहल को सौंपा। पटवारियों की मांग का समर्थन कर उनके साथ प्रतिनिधिमंडल में शामिल होकर खड़े हुए पटवारी इन्द्रजीत, राजेश और विशाल ने डीआरओ को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि सरकार उनके ट्रेनिंग पीरियड़ को पहले तो डेढ़ साल से घटाकर एक साल का करे और ट्रेनिंग पीरियड़ को उनकी सर्विस में काऊंट कराए। कारण कि ट्रेनिंग के दौरान यदि कोई घटना घट जाती है तो ट्रेनिंग पीरियड़ सर्विस में काऊंट न होने की वजह से पीड़ित परिवार के लिए एक तरह से बड़े ही दुर्भाग्य की बात होगी। उन्होंने कहा कि इसलिए सरकार को चाहिए कि इस ट्रेनिंग पीरियड़ को सर्विस में काऊंट कराए। उनका यह भी कहना था कि उन्हें ट्रेनिंग के दौरान स्टाईफंड के तौर पर दस हजार रूपए दिए जा रहे है जोकि न्याय संगत नही है। इसलिए सरकार को चाहिए कि या तो उन्हें ट्रेनिंग पीरियड़ का वेतन दे या फिर उनके स्टाईफंड की राशि को बढ़ाया जाए। मांग पूरी न होने पर इन नवचयनित पटवारियों ने केवल प्रार्थन के माध्यम से ही अपनी मांग को सरकार के संज्ञान में लाए जाने की बात कही है।