झज्जर के सैक्टर-9 में अवैध रूप से बनी सैकड़ों झुग्गियों को हटाने पहुंचे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण विभाग के दस्ते को प्रवासी मजदूरों के विरोध के चलते खाली हाथ लौटना पड़ा। यह कार्रवाई पुलिस सुरक्षा में की जानी थी, लेकिन झुग्गीवासियों ने इसका कड़ा विरोध किया। इन झुग्गियों में करीब 15 वर्षों से प्रवासी मजदूर अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। अधिकतर मजदूर पंचायत विभाग में ठेके पर दिहाड़ी का काम करते हैं। जब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण विभाग का दस्ता झुग्गियां हटाने पहुंचा, तो मजदूरों के परिवारों ने इसका विरोध किया। महिलाओं ने प्रशासन से सवाल किया कि यदि उनकी झुग्गियां तोड़ दी जाती हैं, तो उनके रहने की क्या व्यवस्था होगी? हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण विभाग के अधिकारियों ने मजदूरों को चार दिनों के भीतर स्वयं अपनी झुग्गियां हटाने का निर्देश देकर लौटने का फैसला किया। इस चेतावनी के बाद प्रवासी मजदूरों में चिंता का माहौल है, क्योंकि उन्हें अब अपने आशियाने के उजड़ने का डर सता रहा है। झुग्गीवासियों का कहना है कि वे यहां सालों से रह रहे हैं और उनकी रोजी-रोटी इसी जगह से जुड़ी है। ऐसे में सरकार को उनके पुनर्वास की उचित व्यवस्था करनी चाहिए, न कि अचानक उनके सिर से छत छीन लेनी चाहिए।