थाना साइबर क्राइम झज्जर की पुलिस टीम ने विदेशी नागरिकों के साथ तकनीकी सहायता मुहैया कराने के नाम पर उनके साथ साइबर फ्रॉड करने वाले एक कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस आयुक्त डॉक्टर राजश्री सिंह ने बताया कि थाना साइबर क्राइम झज्जर की पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि ओमेक्स शुभांगन बहादुरगढ़ में टावर नंबर 17 के सातवें फ्लोर पर फ्लैट नंबर 701 में मयंक उर्फ एरिक और सन्नी निवासी दिल्ली अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर बिना किसी अनुमति के फर्जी कॉल सेंटर चलाकर अमेरिका के नागरिकों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। इस सूचना पर साइबर थाना झज्जर प्रबंधक निरीक्षक सोमबीर की अगुवाई में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने उक्त स्थान पर पहुंची तो फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद मिला, जिसको खटखटाया गया तो एक लड़के ने दरवाजा खोला। इसके बाद टीम ने अंदर जाकर देखा कि दो लड़के हॉल में सोफे पर बैठकर अपने कानों में इयरफोन लगाकर शार्क पीबीएक्स डीलर के माध्यम से अंग्रेजी भाषा में लोगों से बात कर रहे हैं। इसके बाद फ्लैट के अलग-अलग कमरों में जाकर देखा तो अलग-अलग कमरों में लड़के लैपटॉप के माध्यम से अपने कानों में हैडफोन लगाकर शार्ट पीबीएक्स के माध्यम से अंग्रेजी में बातचीत करते हुए विदेशी नागरिकों के साथ साइबर ठगी करने का काम कर रहे थे। पुलिस ने मौके से 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया।