शहर में गैस सिलेंडर की कमी और जरूरी कागजात न होने के कारण श्रमिक वर्ग के परिवारों को एक बार फिर पुराने दिनों की तरह लकड़ी जलाकर मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। शहर के धर्म विहार इलाके में कई परिवारों ने वर्षों बाद मिट्टी के चूल्हों को फिर से तैयार कर लिया है। धर्म विहार में रहने वाली सुनीता और विनीता ने बताया कि गैस सिलेंडर लेने के लिए जरूरी दस्तावेज न होने के कारण उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में मजबूरी में उन्होंने अपने किराये के मकानों में पुराने चूल्हों को मिट्टी से लीपकर दोबारा इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। अब वे बाहर से लकड़ी खरीदकर उसी पर खाना बना रही हैं। गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों ने श्रमिक परिवारों की परेशानी बढ़ा दी है। बहादुरगढ़ में करीब 2 से 3 लाख श्रमिक गांवों और शहर में किराये के मकानों में रहकर फैक्टरियों में काम करते हैं, जिन पर इस समस्या का सीधा असर पड़ रहा है।