पिछले दिनों भिवानी जिले के गांव नांगल के एक डेरे से लापता हुए साधु का शव बेरी के क्षेत्र से होकर गुजर रही बाकरा हैड में फंसा हुआ मिला है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और अपनी उपस्थिति में साधु के शव को नहर से बाहर निकलवा कर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया। जांच में डेरे पर कब्जे करने को लेकर हत्या करने का मामला सामने आया है। भिवानी पुलिस के जांच अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि नांगल के एक डेरे से साधु 40 वर्षीय योगी चंबानाथ का अपहरण पांच अक्तूबर को कुछ लोगों ने किया था। बाद में जब पुलिस जांच शुरू हुई तो इसी मामले में भिवानी जिले के ही दीपक नामक युवक व उसके एक अन्य साथी की गिरफ्तारी की गई। पुलिस पूछताछ के दौरान ही दीपक व उसके साथी ने कबूल किया कि उन्होंने ही साधु योगी चंबानाथ का अपहरण किया था। उन्होंने उसके हाथ-पांव बांधकर उसका गला घोटकर हत्या की थी। बाद में उसके शव को रोहतक से गुजर रही जेएलएन नहर में बोहर गांव के पुल से फेंक दिया था। बाद में आरोपियों की निशानदेही पर ही पुलिस ने मृतक साधु योगी चंबानाथ के कपड़े बरामद किए और लोगों में एनडीआरएफ की मदद से जेएलएन से साधु के शव को ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन यहां बाकरा हैड के कर्मचारी की सूचना पर जब पुलिस पहुंची तो उन्होंने बाकरा हैड से मृतक साधु के शव को बरामद किया और शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए उसके शव को नागरिक अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद जहां शव को उसके वारिसान के हवाले कर दिया,वहीं इस मामले में हत्या का अभियोग भी अंकित कर लिया। जांच अधिकारी अनिल कुमार का कहना है कि मामले में जो तथ्य सामने आए है, उसके अनुसार आरोपियों में से उनके एक साथी की नजर मृतक साधु के डेरे पर थी और वह डेरे पर साधु बनकर कब्जा करना चाहता था।इसी के चलते ही आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से साधु योगी चंबानाथ की हत्या की डाली। मामले की जांच की जा रही है और मामले की तह तक जाने का प्रयास किया जा रहा है।