पेट्रोल-डीजल के दामों में 3 रुपये की बढ़ोतरी का असर अब फलों के बाजारों में साफ दिखाई देने लगा है। बढ़े हुए ट्रांसपोर्ट खर्च के कारण फलों के दामों में उछाल आ गया है, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। सरकार के मंत्री इस बढ़े पेट्रोल डीजल के भावों को ना के बराबर कह रहे है। वही बढ़े भावों से मंडी सुनी पड़ी है। फलों को एक राज्य से दूसरे राज्य और मंडियों तक पहुंचाने के लिए भारी ट्रकों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्ट का खर्च सीधे तौर पर बढ़ जाता है। प्रति किलोमीटर लागत बढ़ने का असर फलों की कीमतों पर पड़ता है। जिसके कारण आम, केला, सेब और अनार जैसे फलों के भाव बाजार में बढ़ गए हैं। यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होते ही फल आम आदमी की पहुंच से धीरे-धीरे दूर होने लगा हैं। गर्मी का राजा कहलाने वाला आम अब 10 रुपये प्रति किलो तक महंगा हो गया है, वहीं केले के दामों में भी प्रति दर्जन 10 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। सेब और अनार जो पहले 200 रुपये किलो बिक रहे थे, अब 250 से 300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। गर्मियों का तोहफ़ा तरबूज का भाव 5 रुपये प्रति किलो की बढ़ा है। मौसमी के भावों में 20 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। लीची के भाव आसमान छू रहे हैं। हालांकि सब्जियों के दामों में फिलहाल बहुत ज्यादा बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली है।