हांसी जिले में जुलाई महीने में धान की बुवाई के दौरान डीएपी खाद की किल्लत होने की आशंका जताई जा रही है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अभी से डीएपी खाद का अनावश्यक स्टॉक न करें। पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के किसानों से रासायनिक खादों का कम उपयोग करने और प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की थी। देश को डीएपी और यूरिया का आयात महंगे दामों पर करना पड़ रहा है। बता दें कि पश्चिम एशिया संकट और अमेरिका-ईरान टेंशन का असर अब भारत के किसानों पर भी देखने को मिल सकता है। खरीफ सीजन से पहले भारत को महंगे दामों पर डीएपी और यूरिया आयात करना पड़ रहा है। किसानों को खाद की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 मई को देश के किसानों से रासायनिक खादों का कम उपयोग करने और प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील कर चुके हैं।