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हिसार में रात एक बजे छात्रों ने जारी की वीडियो, धरना स्थल पर पहुंच कर बोले वार्ता के नाम पर 3 घंटे हमें बरगलाने की थी कोशिश

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के आंदोलनरत विद्यार्थियों की मंगलवार को होने वाली छात्र महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत,युद्धबीर सिंह, गुरनाम सिंह चढूनी सहित अन्य हिस्सा लेंगे। छात्रों को सोमवार रात 9 बजे वार्ता के लिए डीसी ऑफिस बुलाया गया था। तीन घंटे बाद वार्ता विफल रही तो रात करीब एक बजे छात्राें ने वीडियो जारी कर कहा कि वार्ता के नाम पर उन्हें बरगलाने का प्रयास किया जा रहा था। दूसरी ओर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि छात्र न्याय महापंचायत के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है। सोमवार आधी रात बाद करीब एक बजे वार्ता खत्म होने के बाद धरना स्थल पहुंचेविद्याथियों ने अपनी मांग को फिर से दोहराया कि हमारी पहली मांग कुलपति को हटाने की है। इसी मांग को लेकर हम छात्र महापंचायत का आयोजन कर रहे हैं। हमने सभी विद्यार्थियों, कर्मचारियों,शिक्षकों से छात्र महापंचायत में पहुंचने का आहवान किया है। छात्र महापंचायत एचएयू के गेट नंबर चार पर सुबह 10 बजे शुरु होगी। विद्यार्थियों ने सोमवार को मीडिया के समक्ष आकर कहा कि हमारी पहले दिन से ही 8 मांग हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने हमारे आंदोलन को लेकर गलत बयान दिए हैं। यह धरना किसी पार्टी का नहीं है। हमारे धरने के तीसरे दिन धरना स्थल पर आकर भाजपा विधायक रणधीर पनिहार ने समर्थन दिया था। इसके बाद दूसरे जजपा, इनेलो, कांग्रेस ने भी समर्थन दिया है। मीडिया से बातचीत में विद्यार्थियों ने कहा आज के दिन देश में अपना अधिकार मांगना देशद्रोह हो गया है। हमारी तुलना ज्योति मल्होत्रा से की जा रही है। हमें इमोशनल फूल बताया जा रहा है। विद्यार्थियों ने कहा कि हम भले ही शारीरिक तौर पर स्वस्थ हों लेकिन मानसिक तौर पर चोटिल जरूर हुए हैं। प्रदेश के शिक्षा मंत्री ऐसी कोई बात न कहें जिससे हमारा मनोबल कमजोर हों। बाबल कैंपस से आए विद्यार्थियों ने कहा कि वहां हमारे प्राचार्य ने झूठ बोला कि एचएयू में धरना समाप्त हो गया है। वहां दबाव बनाया जा रहा था। हमारे बावल में धरना दे रहे सभी साथी एचएयू में आ गए हैं। परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की संख्या गलत बताई जा रही है। एक विद्यार्थी ने तीन पेपर दिए तो यूनिवर्सिटी प्रशासन उसे तीन बता रहा है। विद्यार्थियों का मनोबल कमजोर करने के लिए इस तरह से षडयंत्र किए जा रहे हैं। बावल में केवल 10 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है।वह भी शिक्षकों या किसी दबाव में परीक्षा दे रहे हैं। सभी छात्र संगठनों को आमंत्रित किया... विद्यार्थियों ने कहा कि छात्रों का यह आंदोलन अब सिर्फ एक शैक्षणिक संस्था का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह हर उस युवा की आवाज़ बन गया है जो अन्याय के खिलाफ खड़ा होना चाहता है। आंदोलनकारी छात्रों ने साफ कहा कि यह संघर्ष सिर्फ अपने लिए नहीं, आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। 
छात्रों ने बताया कि 24 जून को विश्वविद्यालय परिसर में एक ऐतिहासिक न्याय महापंचायत के लिए पूरी तैयारियां हैं। इस छात्र महापंचायत में सभी छात्र संगठन भी हिस्सा लेंगे।

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