सेंट्रल जेल 1 तथा 2 में शनिवार को सैंकडों की संख्या में बहनें अपने भाइयों के हाथों पर राखी बांधने के लिए पहुंची। जेल प्रशासन की ओर से राखी बांधने के लिए सुबह 8 से दोपहर बाद 2बजे तक का समय तय किया गया है। सुबह 7 बजे से ही महिलाएं जेल परिसर पहुंचने लगी थी। सुबह करीब 8 बजे तक सैंकडों की संख्या में महिलाएं अपनी बारी का इंतजार करने लगी थी। महिलाओं को अलग अलग जत्थों के हिसाब से अंदर जाने की अनुमति दी जा रही थी। जेल प्रशासन की ओर से राखी व मिठाइयां उपलब्ध कराई गई थी।महिलाओं के प्रतीक्षा करने वाले स्थान पर पानी उपलब्ध कराया गया। महिलाओं की संख्या अधिक होने के कारण कुर्सियां कम पड़ गई। जिसके बाद काफी महिलाएं जमीन पर बैठक कर अपनी बारी का इंतजार करती दिखी। महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में बच्चे भी पहुंचे थे। बहनों ने तिलक लगाकर अपने भाई की कलाइयों पर राखी बांधी। कुछ बहनें भावुक हो गई तो उनकी आंखें नम हो गई। बहनों की आंखों में आंसू देख भाईयों की आंखें भी गीली हो गई।