बरवाला क्षेत्र के गांव धांसू में बुधवार को ग्रामीणों ने गांव सुलखनी से आ रहे बरसाती पानी को रोकने की मांग को लेकर धांसू–मिर्जापुर–सुलखनी मार्ग को जाम कर दिया। जाम के दौरान सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर धरने पर बैठ गए और मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सड़क के बीच खड़ा कर दिया। इससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में हुई तेज बारिश के बाद गांव सुलखनी का बरसाती पानी लगातार धांसू गांव की ओर बह रहा है। इस कारण न केवल खेतों में फसलें जलमग्न हो गईं बल्कि किसानों की ढाणियां (खेतों में बने मकान) भी ढहने लगी हैं। पानी अब गांव के भीतर भी घुसने लगा है, जिससे ग्रामीणों के पक्के मकानों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक बरसाती पानी के बहाव को रोकने और निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। धरने के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि जब वे मिट्टी डालकर पानी को रोकने पहुंचे तो प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर आए। लेकिन अधिकारियों ने यह कहकर हाथ खड़े कर दिए कि पुलिया दूसरे क्षेत्र (बरवाला क्षेत्र) में आती है और हिसार प्रशासन यहां कार्रवाई नहीं कर सकता। इस जवाब से नाराज होकर ग्रामीणों ने मौके पर ही सड़क जाम कर दी।