महर्षि वाल्मीकि के प्रकट उत्सव पर लघु सचिवालय परिसर में मंगलवार को जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने मानव समाज को भगवान श्रीराम की दिव्य कथा का अमूल्य उपहार दिया। वेदों के ज्ञाता महर्षि वाल्मीकि करुणा, दया और समानता के प्रतीक थे। उनके आदर्शों और शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने कहा कि यदि हम अपने समाज के महापुरुषों को याद नहीं करेंगे तो हमारी सभ्यता के महत्वपूर्ण पहलू इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह जाएंगे। वंचितों को मुख्यधारा से जोड़ना ही महर्षि वाल्मीकि वाल्मीकि को सच्ची श्रद्धांजलि है। अनुसूचित जातियों को मुख्यधारा में लाने के लिए सरकार ने आरक्षण का दो वर्गों, जिनमें वंचित अनुसूचित जाति और अन्य अनुसूचित जाति में वर्गीकरण किया है। सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जातियों के 20 प्रतिशत आरक्षण में से 10 प्रतिशत कोटा वंचित वर्गों को दिया गया है। हिसार की विधायक सावित्री जिंदल ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने सिखाया कि परिश्रम, भक्ति और सत्य के मार्ग पर चलकर कोई भी व्यक्ति महानता प्राप्त कर सकता है। नलवा विधायक रणधीर पनिहार ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने अपने ज्ञान, कर्म और आचरण से समाज को मर्यादा, समानता और सदाचार का संदेश दिया। पूर्व मंत्री डॉ कमल गुप्ता ,हरियाणा रत्न से सम्मानित प्रसिद्ध गायक रामचंद्र बबल ने भगवान वाल्मीकी की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। इस मौके पर कुलदीप कांगड़ा, चमनलाल बागड़ी, बलराज सिंह, संजय लोट, पूर्व प्रधान रतन बडग़ुज्जर, बृजमोहन पंवार, जमना सिंह चौहान, सरपंच राजबीर, दीपक वाल्मीकि आदि उपस्थित रहे।