मां महालक्ष्मी के उत्कील पाठ से करोड़ों लोग आपदा मुक्त और रोग मुक्त हो गए हैं। दीन-हीन व्यक्ति महा धनवान बन गए हैं और अनपढ़ महाविद्वान बन गए हैं। दुनिया की ऐसी कोई समस्या व रोग नहीं है जिसका समाधान मां महालक्ष्मी के इस उत्कील पाठ से न हो। जो व्यक्ति निष्कीलन, उत्कीलन करके मां महालक्ष्मी का पाठ करता है वह सिद्ध हो जाता है। वह मां का कृपा पात्र भी बन जाता है। सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह पाठ देवताओं को भी दुर्लभ है। जो इसके बिना पाठ करता है उसे उसी प्रकार फल प्राप्त नहीं होता। जिस प्रकार वन में रोना निरर्थक होता है। इसके जानने मात्र से आनंद ही आनंद होता है। यह बात अनंत विभूषित जगद्गुरु महाब्रह्मर्षि कुमार स्वामी ने बीती रात अग्रोहा धाम में आयोजित प्रभु कृपा दुख निवारण समागम में श्रद्धालुओं को कही। इस समागम में आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। समागम में आए श्रद्धालुओं के लिए अनवरत रूप से लंगर चलता रहा। कुमार स्वामी ने अवधान के माध्यम से श्रद्धालुओं को तत्क्षण दुख निवारण की कृपा प्रदान की। समागम में निशुल्क स्वास्थ्य जांच कैंप लगाया गया। उन्होंने कहा कि मां महालक्ष्मी के एक अक्षर के उत्कील मंत्र से दुखों, कष्टों का अंत हो जाता है। इसके सुनने मात्र से ही वे असाध्य रोग जिनका निवारण विश्व के बड़े-बड़े डॉक्टर, वैज्ञानिक नहीं कर पाए हैं, त्वरित ही ठीक हो जाते हैं तथा सदा के लिए जड़ से समाप्त हो जाते हैं।