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हिसार के जलघरों में हरा व काला पानी, विशेषज्ञ बोले-जलघरों के पानी में यूरिया, डीएपी व अपशिष्ठ पदार्थों के घुलने का असर

शहर के जलघरों में हरा व काला पानी भरा हुआ है और इसी पानी को घरों में सप्लाई भी किया जा रहा है। यही नहीं जिन नहरों से जलघरों को भरा जाता है, उन नहरों में सीवर का पानी डाला जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलघरों के पानी में मिल रहे यूरिया, डीएपी व अन्य अपशिष्ठ पदार्थों के कारण ऐसा हो रहा है। यही नहीं फिल्टर व क्लोरिफिकेशन से बैक्टीरिया पूरी तरह से खत्म नहीं होता और कीटनाशकों पर यह पूरी तरह से बेअसर साबित होता है। अमर उजाला संवाददाता ने शहर के जलघराें का निरीक्षण किया। कैमरी रोड जलघर में हालात सबसे बुरे मिले। इस जलघर के टैंक में नीले की बजाय हरा व मटमैला पानी मिला। यही नहीं इस पानी से बदबू भी आ रही थी। इसके बाद आजाद नगर जलघर का निरीक्षण किया। यहां के हालात ठीक मिले। यहां जलघर का पानी कुछ हद तक साफ मिला। वहीं तोशाम रोड व महावीर कॉलोनी जलघर में भी हालात लगभग एक जैसे ही मिले। दोनों जलघरों के टैंकों में पानी पर काफी मात्रा में हरे रंग की काई जमी मिली। ये हैं कारण जीजेयू के प्रोफेसर अनिल कुमार के मुताबिक खेतों से बहकर आया पानी या आसपास की मिट्टी से मिले पोषक तत्व जैसे यूरिया, डीएपी आदि शैवाल (काई) को तेजी से बढ़ने में मदद करते हैं। पानी में मौजूद बैक्टीरिया व अन्य जीवाणु जैविक पदार्थों को विघटित करके शैवाल के लिए पोषक तत्व तैयार करते हैं। इसके अलावा पत्तियां, मिट्टी, जानवर या इंसानों का मल और अन्य जैविक पदार्थ शैवाल के लिए खाद का काम करते हैं। नहर में डाला जा रहा सीवर का पानी वहीं जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से लगातार बालसमंद नहर में सीवर का पानी बेरोक-टोक डाला जा रहा है। एनजीटी के नियमानुसार सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकले पानी को भी किसी जल निकाय में नहीं डाला जा सकता लेकिन यहां सीवर का पानी सीधे ही नहर में डाला जा रहा है जो एक गंभीर किस्म का अपराध है। दूषित पानी के कारण पेट संबंधी बीमारियों के मरीज बढ़े उधर दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। पूर्व पार्षद व चिकित्सक डॉ. महेंद्र जुनेजा ने बताया कि उनके क्लीनिक पर उल्टी, दस्त, पेटदर्द आदि के काफी मरीज आ रहे हैं। ये बीमारियां अक्सर दूषित पानी से होती है। किसान कालोनी में गंदा पानी पी रहे लोग उधर आजाद नगर की किसान कॉलोनी के लोग पिछले एक महीने से गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। काॅलोनी के लोगों ने पेयजल को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शिकायत दी है। मंत्री रणबीर गंगवा को भी इस बारे में अवगत कराया है। काॅलोनी के लोगों ने कहा कि अगर समाधान नहीं हुआ तो डीसी के दफ्तर का घेराव करेंगे। आजाद नगर की किसान कालोनी के रहने वाले पंडित राम स्वरूप शास्त्री ने बताया कि पिछले एक महीने से गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है जिस बारे में लोगों की कई बार शिकायत की जा चुकी है। लोग गंदे पानी के कारण बीमार हो रहे हैं। कालोनी के अधिकतर लोगों ने पेयजल का उपयोग बंद किया हुआ है। काॅलोनी के लोग करीब दो किलोमीटर दूर से नलकूपों से पानी भर कर ला रहे हैं। कुछ लोग पीने के लिए पानी के कैंपर मंगवा रहे हैं। पानी बेहद गंदा होने के चलते उसे नहाने व कपड़े धोने के लिए भी प्रयोग नहीं कर पा रहे। लोगों को मजबूरी में पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। पानी की शिकायत को लेकर जेई से लेकर एक्सईएन तक सभी अधिकारियों को शिकायत दे चुके हैं। अधिकारियों की ओर से केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं। मंत्री रणबीर गंगवा से मिलने के आवास पर भी गए थे। मंत्री उपलब्ध न होने पर उनके आवास पर उपस्थित स्टाफ सदस्यों को शिकायत दे चुके हैं। अधिकारी के अनुसार जब जलघरों में पानी भरा जाता है तो उससे 12 घंटे पहले ही नहरों में खेतों का पानी डालना बंद कर दिया जाता है। नहर में सीवर का पानी डालने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा किया जा रहा है तो उसकी जांच करवाई जाएगी। -अनीश यादव, उपायुक्त।

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