हिसार में ढाणी किशनदत्त निवासी 22 वर्षीय यश खटक की मौत के बाद परिजनों और जनसंगठनों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। सोमवार को उपचार के दौरान निजी अस्पताल में यश ने दम तोड़ दिया। यश पर 12 दिन पहले हमला हुआ था, जिसमें वह और उसके तीन दोस्त घायल हुए थे। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। लेकिन परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और उचित मुआवजे की मांग पूरी होने तक शव उठाने से इनकार कर दिया। परिजनों और जनसंगठनों का विरोध प्रदर्शन सोमवार दोपहर को परिजनों और कई जनसंगठनों ने सिविल अस्पताल परिसर से पारिजात चौक तक मार्च निकाला और मंगलवार को दोबारा विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए लोगों ने 15 मिनट तक सिविल अस्पताल के सामने सड़क जाम कर दी, जिससे ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा और शहर के अन्य हिस्सों में जाम की स्थिति बन गई। धरनारत लोगों ने कहा कि पुलिस ने अभी तक सिर्फ 3 नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जबकि घटना में 14 लोग शामिल थे। जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता और मृतक परिवार को 50 लाख मुआवजा व एक सरकारी नौकरी नहीं दी जाती, हम शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं देंगे। पुलिस की कार्रवाई और परिजनों की मांग मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी कमलजीत, अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी दलबीर सिंह, और सिटी थाना प्रभारी तनेज पाल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों से बातचीत की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे।