जिला कांग्रेस कमेटी ने मनरेगा मजदूरों के अधिकारों की रक्षा को लेकर गांव-गांव संवाद एवं जनजागरण कार्यक्रम के तहत वीरवार को पैदल मार्च निकाला। महिला पदाधिकारियों ने कांग्रेस भवन से एचएययू गेट नंबर चार तक मार्च निकाला। नारेबाजी कर करते हुए मनरेगा को जारी रखने की मांग की। गांव सीसवाल, लाडवी,चिड़ौद ,कैमरी और मंगाली में मनरेगा मजदूरों के साथ सीधा संवाद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी हिसार (ग्रामीण) के अध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया ने की। गांव सीसवाल में “महात्मा गांधी मनरेगा बचाओ पैदल यात्रा” निकाली गई। मनरेगा मजदूरों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों ने केंद्र सरकार की मनरेगा विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस पदाधिकारियों ने मजदूरों को बताया गया कि किस प्रकार केंद्र की मोदी सरकार की ओर से मनरेगा के तहत उनके काम पाने के अधिकार, न्यूनतम मजदूरी, ग्राम पंचायत की भूमिका और राज्य स्तर पर वित्तीय अधिकारों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। मजदूरों ने काम की कमी, भुगतान में देरी, पंचायतों की अनदेखी और रोजगार सहायक व्यवस्था को कमजोर किए जाने की समस्याएं रखीं।वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा मनरेगा पर चार बड़े हमले किए गए हैं। 100 दिन के काम की कानूनी गारंटी को व्यवहार में कमजोर किया जा रहा है। दूसरा, मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी और समय पर भुगतान का अधिकार छीना जा रहा है।तीसरा, ग्राम पंचायतों को दरकिनार कर उनके अधिकार समाप्त किए जा रहे हैं। चौथा, राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालकर मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश रची जा रही है।कांग्रेस पार्टी मनरेगा को कमजोर नहीं होने देगी और मजदूरों के अधिकारों की यह लड़ाई गांव-गांव जारी रहेगी। ग्राम सभाओं के माध्यम से प्रस्ताव पारित कर यह मांग रखी गई कि मनरेगा में काम की कानूनी गारंटी को पूरी तरह बहाल किया जाए। पूर्व चेयरमैन भूपेंद्र सिंह गगवा, पूर्व चेयरमैन सुखबीर सिंह डूडी, लाडवी सरपंच राजवीर, केसर राम सैनी, रमेश चाहर, मास्टर सुथार दीन मिर्जा, सुरेंद्र भादू, कृष्ण कुमार गुर्जर, कलीराम, सुभाष टैंक, विकास सैनी, मामन राम आदि ने संबोधित किया।