गांव सरसाना से बालसमंद के बीच बालसमंद माइनर टूट जाने से तीस एकड़ फसल नष्ट हो गई। जिसके कारण किसानों की भारी नुकसान हुआ। किसानों ने नहर टूटने की जानकारी मिलने पर सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच कर जेसीबी मशीन की मदद से नहर को बंद कराया। बालसमंद के किसान राहुल ,बलबीर ,दलबीर ने कहा कि गांव सरसाना-बालसमंद के बीच माइनर टूट गई। नहर का निर्माण चार पांच साल पहले तात्कालिक विधायक भव्य बिश्नोई के कार्यकाल में कराया गया था। पिछले एक साल में बालसमंद माइनर पांच छह बार टूट चुकी है। इसकी वजह से बार बार फसलें खराब हो जाती है। किसानों को आर्थिक मार झेलनी पड़ती है। किसानों ने कहा कि सरकार नहर विभाग नहर को चारों और से मजबूत किया जाए। समय समय पर बेलदारों को डयूटी लगाकर चैकिंग अभियान चलाना चाहिए। किसानों को फसलों का मुआवजा दिया जाए। कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष वर्मा ने कहा कि नहर निर्माण के कार्य की जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि नहर के निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री लगाई गई है। जिसके चलते किसानों को बार बार इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई नहर लोगों के लिए सुविधा की बजाए मुसीबत बन रही है। किसानों को प्रति एकड़ 70 हजार रुपये के हिसाब से मुआवजा दिया जाए।