प्राकृतिक खेती से दूर होकर पर रसायनों का प्रयोग करने से जमीन में पोषक तत्वों की कमी हो गई है। जिसके चलते फसलों के उत्पादन तथा गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। मिट्टी की सेहत जांचने के लिए कृषि विभाग ने जिले में वर्ष 2024-25 में 169750 सैंपल लिए। जिसमें अब तक 43143 सैंपल की जांच हो चुकी है। जिसमें 86 प्रतिशत सैंपल में जमीन में किसी न किसी पोषक तत्व की कमी मिली है। इस जांच में पाया गया कि माटी की सेहत लगातार बिगड़ रही है। अगर हमने आर्गेनिक कार्बन की ओर कदम नहीं बढ़ाए तो आने वाले समय में यह समस्या विकराल हो जाएगी। जिससे फसल का उत्पादन तो गिरेगा ही उसमें पोषक तत्वों की भी कमी होगी।