संयुक्त किसान मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को एसपी शशांक कुमार सावन से मिला।एसपी के मिलने के बाद किसान नेताओं ने कहा कि पुलिस अधीक्षक ने हमें बताया कि नोटिस गलती से जारी हुए हैं। प्रदेश सरकार की ओर से मुकद्दमों को कैंसिल करने की रिपोर्ट दी जा चुकी है। किसानों को कैंसिल रिपोर्ट की प्रति भी दी गई। किसान संगठनों ने 2 अप्रैल का लघु सचिवालय पर प्रस्तावित महापंचायत को स्थगित कर दिया है। लघु सचिवालय गेट पर मीडिया से बातचीत में पगड़ी संभाल जट्टा संघर्ष समिति के महासचिव संदीप सिवाच ने कहा कि पिछले सप्ताह किसान नेताओं को गैर जमानती नोटिस जारी किए गए थे। चार साल पुराने मुकदमों में सरकार के साथ सहमति बनने के बाद भी नोटिस जारी किए जाने पर किसान संगठनों का प्रतिनिधि मंडल सोमवार सुबह एसपी शशांक कुमार सावन से मिला। पुलिस अधीक्षक ने किसान नेताओं को बताया कि सभी मुकदमे वापस लिए जा चुके हैं। ऐसे मामलों में कैंसिलेशन रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है। इन मामलों में किसी भी किसान को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।एसपी की ओर एक पत्र किसान संगठनों को दिया गया। जिसमें सभी दर्ज मुकदमों को वापस लेने की बात थी। इन मामलों में 4 अप्रैल को सुनवाई होनी है। किसान संगठनों की ओर से वकील अपना पक्ष रखते हुए रिपोर्ट की प्रति जमा कराएंगे। संदीप सिवाच, एडवोकेट विक्रम मित्तल, किसान नेता दिनेश सिवाच, भारतीय किसान यूनियन अंबावता के प्रदेश अध्यक्ष दिलबाग सिंह हुड्डा, संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य सरदानंद राजली न बताया कि मोर्चा ने 2 अप्रैल की महापंचायत को स्थगित कर दिया है। लघु सचिवालय गेट पर किसानों के पहुंचने के चलते एहतियात के तौर पर पुलिस बल भी तैनात किया गया था। इस मौके पर शमशेर नंबरदार, करतार सिंह, एडवोकेट हर्षदीप गिल अनिल कुमार कामरेड सुरेश कुमार, राजीव मलिक ,सतबीर अरोड़ा आदि किसान नेता मौजूद रहे।