टोहाना की नव दुर्गा कॉलोनी के रहने वाले वीरेंद्र कौशल के साथ ऑनलाइन शॉपिंग एप अमेजॉन द्वारा हजारों रुपये का फ्रॉड करने के मामले में उपभोक्ता अदालत ने करीब सवा दो साल बाद न्याय दिलाया है। अदालत के आदेश के बाद अमेजॉन ऐप ने वीरेंद्र कौशल को 30 हजार रुपये की राशि की ब्याज व जुर्माने सहित करीब 55643 का चेक दिया है। इस पर वीरेंद्र कौशल ने कहा कि सभी उपभोक्ताओं को सस्ते के चक्कर में ऑनलाइन एप से खरीदारी नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे बड़ा फ्रॉड हो सकता है, जो उनके साथ हुआ है। पत्रकारों से बातचीत में वीरेंद्र कौशल ने बताया कि 1 अगस्त 2022 को उसने अमेजॉन ऐप के माध्यम से 26 हजार कीमत की एक 43 इंची एलईडी का आर्डर दिया था, जब उसका आर्डर टोहाना में आया तो डिलीवरी वाले ने कहा कि एलईडी को नहर के पास से आकर ले जाइए। मगर वह डिलीवरी को घर में मंगवाना चाहते थे। इस बारे उन्होंने अमेजॉन कंपनी के कस्टमर केयर पर शिकायत दर्ज करवाई तो केयर कर्मी ने कहा कि आप तीस हजार रुपये को अपने अमेजॉन ऐप बैलेंस में डाल दीजिए तो आपको एलईडी घर पर ही मिल जाएगी। वीरेंद्र ने बताया कि कंपनी के कर्मचारियों के कहे अनुसार उसने तीस हजार रुपये एप के बैलेंस में डाल दिए और अगले दिन कर्मचारी एलईडी को लेकर उसके घर देने आ गए। इसके बाद उसने कंपनी के कस्टमर केयर को बताया कि उसके तीस हजार रुपये वापस दे दीजिए क्योंकि जो 26 हजार रुपये की एलइडी का आर्डर उसने पहले दिया था, वही एलईडी उनके घर डिलीवरी बॉय देकर चला गया है। काफी दिनों तक कंपनी के कर्मचारियों से रुपये डालने की बात कहते रहे, लेकिन कुछ दिनों बाद उसका अकाउंट बंद कर दिया गया। कौशल ने बताया कि 16 सितंबर 2022 को उसने उपभोक्ता अदालत में याचिका लगाई तो अदालत ने इस मामले की पूरी सुनवाई करते हुए करीब सवा दो साल बाद अमेजॉन कंपनी को फटकार लगाते हुए कहा कि 7 प्रतिशत ब्याज व जुर्माने के साथ 55643 वीरेंद्र कौशल को दिया जाए। आदेश दिया गया था कि यदि कंपनी 45 दिन में इस राशि को नहीं देगी तो उन्हें यह जुर्माना एक लाख रुपये तक तथा 1 साल से 3 साल तक की सजा भी हो सकती है। अब कंपनी द्वारा यह रुपये उन्हें दे दिए गए हैं।