आखिरकार बुधवार सुबह नगर पालिका प्रधान व पार्षदों की सातवीं बार हुई बजट बैठक में नगर पालिका का 27 करोड़ 88 लाख रुपए का बजट पास हुआ।बुधवार को हुई बजट बैठक की अध्यक्षता नगर पालिका प्रधान प्रीति खन्ना ने की। बैठक में नगर पालिका उप प्रधान जोगिंदर नंदा व 7 अन्य पार्षद पहुंचे जिन्होंने बजट प्रस्ताव का समर्थन और कोरम पूरा होने पर नगरपालिका सचिव शुभम कुमार ने नगर पालिका के 23 करोड़ 88 लाख रुपए के बजट पास होने की घोषणा की। बजट का विरोध कर रहे अन्य 9 पार्षद बजट बैठक में नहीं पहुंचे और उन्होंने नगर पालिका कार्यालय के प्रांगण में पहुंचकर बजट बैठक का विरोध करते हुए कहाकि जब तक उन्हें पिछले बजट का लेखा-जोखा नहीं दिया जाता तथा पिछले तीन सालों में लगाए गए, टेंडरों का पूरा रिकॉर्ड नहीं दिया जाता तब तक वह नगर पालिका बैठक में भाग नहीं लेंगे। बुधवार को सुबह बैठक में नगर पालिका प्रधान प्रीति खन्ना, उप प्रधान जोगिंदर नंदा, पार्षद सुमन सैनी, रेखा शर्मा, वीरपाल कौर ,हरबंस कौर, जसविंद कौर, हैप्पी सैनी ,धीरज जिंदल बैठक में पहुंचे तथा प्रधान व 8 पार्षदों के साथ कोरम पूरा होते ही नगर पालिका सचिव ने बैठक को शुरू करवा दिया। बैठक में बजट पास करने का प्रस्ताव रखा गया। जिस बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने हाथ उठाकर सहमति देते हुए बजट पास करने की घोषणा कर दी। नगर पालिका सचिव शुभम कुमार ने बताया कि बुधवार को बजट बैठक में प्रधान व अन्य 8 पार्षद सहित 9 सदस्य पहुंचे और कोरम पूरा होते ही बैठक को शुरू किया गया। जहां बैठक में मौजूद सभी पार्षदों ने हाथ उठाकर बजट पास करने की सहमति दी सचिव ने बताया कि 27 करोड़ 88 लाख का बजट पास किया गया है जिनमें से 14 करोड़ 88 लाख रुपए शहर के वार्डों के विकास पर खर्च किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि रतिया नगर पालिका का बजट पार्षदों की गुटबाजी के कारण पिछले कई महीनो से पास नहीं हो रहा नगर पालिका अधिकारी द्वारा बजट पास करने के लिए पहले भी 6 बार नगर पार्षदों की मीटिंग बुलाई जा चुकी जिसमे एक बार प्रशासन के उद्देश्यों के बाद एसडीएम सुरेश कुमार की अध्यक्षता में भी बैठक बुलाई गई थी। लेकिन पार्षदों की आपसी गुटबाजी के कारण बजट पास नहीं हो पा रहा और आज बुधवार को को सातवीं बार मीटिंग बुलाई गई थी। बल्कि पार्षदों की आपसी गुटबाजी के चलते इससे पहले नगर पालिका के प्रधान व उप प्रधान के खिलाफ 14 पार्षदों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया गया था लेकिन 22 मई को जब अविश्वास प्रस्ताव हुआ तो उसमें पार्षद बंट गए और मात्र 11 ही पार्षद अविश्वास प्रस्ताव पर पहुंच पाए थे। जिस कारण अविश्वास प्रस्ताव प्रशासन द्वारा रद्द कर दिया गया था, अविश्वास प्रस्ताव रद्द होने के बाद पहली बार नगर पालिका प्रशासन द्वारा बजट पास करने के लिए मीटिंग बुलाई गई।