जाखल खंड के गांव चांदपुरा में 22 अक्टूबर को गुरुद्वारे के पास नाली किनारे फेंके गए लगभग 5-6 माह के कन्या भ्रूण की हत्या के मामले में एक सप्ताह बीतने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से क्षेत्र में रोष बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को ग्रामीणों, समाजसेवियों और स्कूली बच्चों ने जाखल थाने के बाहर सांकेतिक धरना देकर दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की। सुबह 11 बजे शुरू हुए धरने में चांदपुरा सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग शामिल हुए। स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग हाथों में तख्तियां लिए "हत्यारों को फांसी दो", "बेटी बचाओ – न्याय दो" जैसे नारे लगा रहे थे। समाजसेवी महंत भोलेनाथ धारसुल ने कहा, “यह सिर्फ एक भ्रूण की हत्या नहीं, बेटियों के खिलाफ युद्ध है। पुलिस तुरंत कार्रवाई करे, वरना आंदोलन और तेज होगा। पहले केंडल मार्च, अब धरनासोमवार को गांव में मौन केंडल मार्च निकाला गया था। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस जांच में सुस्ती दिखा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने गांव की 22 गर्भवती महिलाओं की जांच की सभी स्वस्थ पाई गईं। बाहरी मामला संभवजाखल थाना प्रभारी सुरेश कुमार धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से बात की। उन्होंने कहा कि हम पूरी गंभीरता से जांच कर रहे हैं। गांव के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। प्रथम दृष्टया यह बाहरी क्षेत्र से जुड़ा मामला लग रहा है। जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे। पुलिस ने ग्रामीणों से सूचना देने में सहयोग की अपील की।मामला क्या है?22 अक्टूबर की सुबह गांव में गुरुद्वारे के पास नाली किनारे प्लास्टिक में लिपटा कन्या भ्रूण मिला था। पोस्टमॉर्टम अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में हुआ, जिसमें भ्रूण की उम्र 20-24 सप्ताह बताई गई।