भारतीय किसान यूनियन द्वारा भारत और अमेरिका के बीच हुई अनाज डील के विरोध में 23 मार्च को शहीदी दिवस के उपलक्ष में किसान मजदूर जन क्रांति रैली आयोजित की जाएगी। यह बात भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने टोहाना में पत्रकारों से बातचीत में कही। किसान मजदूर जन क्रांति रैली को लेकर चढूनी ने टोहाना के विभिन्न गांवों का दौरा किया। इस दौरान गुरनाम सिंह ने टोहाना के गांव अमानी, ढेर, बिढाईखेड़ा और कन्हडी में जाकर नुक्कड़ सभा की और लोगों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। गुरनाम सिंह ने कहा कि देश व प्रदेश का किसान पहले से ही सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ लड़ रहा है जिसमें एमएसपी गारंटी कानून, अच्छा इलाज न मिलना सहित अनेक मांगे शामिल है लेकिन अब अमेरिका के साथ जो भारत की डील हुई है उसके विरोध में किसानों द्वारा 23 मार्च को कुरुक्षेत्र के पीपली में जन क्रांति रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली देश के विभिन्न राज्य उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब व राजस्थान सहित अनेक राज्य से किसान पहुंचेंगे। उन्होंने सभी किसान, मजदूर, धार्मिक व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से इस रैली में पहुंचने की अपील की और कहां की यदि यह डील हो गई तो देश का किसान तबाह हो जाएगा क्योंकि अमेरिका में भारत की अपेक्षा ज्यादा एकड़ जमीन वाले किसान रहते हैं। अमेरिका में गेहूं की लागत कम होने के चलते उन्हें अपनी जमीन खाली छोड़नी पड़ते थे लेकिन यदि यह डील हो गई तो उनका अनाज भारत में आएगा जिसे बाहर का किसान तबाह हो जाएगा इसी डील को रद्द करवाने को लेकर कुरुक्षेत्र के पिपली में यह रैली आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष रणजीत सिंह, रमेश डांगरा, सतबीर गोदारा, राजेंद्र लहरिया व कृष्ण डांगरा मौजूद रहे