शहर के सिम्बल वाला रोड पर शनिवार शाम गेहूं के अवशेषों में भीषण आग लग गई। दमकल की गाड़ी और ग्रामीणों की करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक लगभग 30 एकड़ भूसा जलकर राख हो गया। आग की लपटों ने आसपास की सब्जी की फसल और पेड़-पौधों को भी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने खेत मालिक के बेटे पर जानबूझकर फाने में आग लगाने का आरोप लगाया है। मौके पर मौजूद कर्मी सैनी ने बताया, "हवा बहुत तेज थी। खेत के मालिक के बेटे ने ही आग लगाई। आगे हमारी फसलें, घर, बच्चे, जानवर और मशरूम फार्म भी है। समय पर नहीं बुझाते तो बड़ा हादसा हो जाता।" आग एक कोठे तक पहुंच गई थी, जिसे ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से बुझाया। बुजुर्ग किसान राजेंद्र ने दमकल विभाग पर देरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "फोन करने के डेढ़ घंटे बाद फायर ब्रिगेड आई। तब तक हमने 10-12 ट्रैक्टर और अन्य साधनों से आग बुझा ली थी। 25-30 एकड़ भूसा स्वाहा हो गया।" ग्रामीणों का कहना है कि सब्जियों का भी भारी नुकसान हुआ है। पुलिस अधिकारी रघुबीर सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही डायल 112 और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची थी। "सिम्बल रोड पर फाने में आग लगी थी। करीब 30 एकड़ भूसे पर अब काबू पा लिया गया है। लोग आग लगाने की बात कह रहे हैं, जांच जारी है," उन्होंने कहा। आग से हुए नुकसान के बाद ग्रामीणों में रोष है। लोगों ने प्रशासन से लापरवाही बरतने और आग लगाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि तेज हवा के कारण आग तेजी से फैली, गनीमत रही कि जनहानि नहीं हुई। पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है।