शहर की सड़कों पर अतिक्रमण बढ़ने लगा है। जहां नजर जाए वहां पर गाड़ियां या दुकानदारों का सामान तो कहीं पर रेहड़ियां नजर आती हैं। इससे प्रतिदिन शहर की सड़कें संकरी होती जा रही हैं और अधिकारी संज्ञान लेने की बजाय, मूक बने बैठे हैं। हालात ये हैं कि सड़कों पर राहगीरों के लिए चलने तक की जगह नहीं है।