मजदूर दिवस पर नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने दो दिन की हड़ताल शुरू कर दी, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। शुक्रवार को 192 में से 172 कर्मचारी काम छोड़कर धरने पर बैठ गए, जिसके चलते जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इससे पहले भी वे प्रदर्शन और भूख हड़ताल कर चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। उनकी प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये, समान काम का समान वेतन, पुरानी पेंशन बहाली और कर्मचारियों की नई भर्ती शामिल हैं। हड़ताल जारी रही तो शनिवार को हालात और बिगड़ सकते हैं।