प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के आवेदकों को लंबा समय बीतने पर सहायता राशि की किस्तें नहीं मिली हैं। इसके चलते उनका अपनी छत का सपना अधूरा है। आवेदकों का कहना है कि वो नगर परिषद कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। दूसरी ओर, आर्थिक मदद की आस में पुराना मकान तोड़ने पर कोई किराये का एक कमरा लेकर रह रहा है तो किसी का मकान बिना छत का है। बता दें कि पांच साल पहले अपने घर का सपना लेकर शहर के 1281 लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किए गए थे। लेकिन संबंधित एजेंसी ने योजना संबंधी दस्तावेज पूरे नहीं होने का हवाला देकर 920 लोगों के आवेदन रद्द कर दिए। वहीं, नगर परिषद अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने शहर में 170 लाभार्थियों को योजना का लाभ देकर उनके मकान बनवाए हैं। दूसरी ओर 361 आवेदकों में से 56 ऐसे हैं जिन्हें एक भी किस्त नहीं मिली है। वहीं, 224 आवेदकों को दूसरी किस्त ही मिल पाई है और अब उन्हें छत लगाने का काम पूरा कराने के लिए तीसरी किस्त आने का इंतजार है। इस समय 280 आवेदकों को योजना के तहत सहायता राशि की किस्त मिलने का इंतजार है।