नया वित्त वर्ष शुरू होने में केवल चार दिन शेष हैं, लेकिन चरखी दादरी नगर परिषद का वार्षिक बजट 2025-26 अब तक पारित नहीं हो पाया है। वीरवार को आयोजित चौथी बैठक में भी बजट पर चर्चा पूरी होने से पहले ही बैठक खत्म हो गई। बैठक के दौरान पार्षदों के बीच तीखी बहस हुई, जिसमें वार्ड-3 की पार्षद बबीता देवी और उनके पति जितेंद्र ने लाइट इंस्पेक्टर (एलआई) बिजेंद्र पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। इसके बाद सदन में एलआई को बुलाया गया, जहां बहस और बढ़ गई। लाइट इंस्पेक्टर ने कहा कि वह अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं और किसी से अभद्र भाषा नहीं सुनेंगे। अंततः ईओ और चेयरमैन ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। बजट चर्चा से पहले उठा अन्य मुद्दों का मामला बैठक की शुरुआत में लेखाकार रविंद्र हुड्डा ने प्रस्तावित बजट का विवरण प्रस्तुत किया, जिसमें अनुमानित आय 39.20 करोड़ रुपये और प्रस्तावित व्यय 39.08 करोड़ रुपये बताया गया। हालांकि, इसके बाद बजट पर चर्चा आगे नहीं बढ़ सकी। बैठक में वार्ड-17 के पार्षद सुधीर स्वामी ने रोहिंग्या समुदाय के वेस्ट पिकर आईडी कार्ड बनाने का मुद्दा उठाया और दावा किया कि शहर में करीब 3,000 रोहिंग्या अवैध रूप से रह रहे हैं। ईओ राजाराम ने अगली बैठक में इस पर पूरी जानकारी देने का आश्वासन दिया। इसके बाद पार्षद नरेंद्र दहिया ने नगर परिषद के वाहनों को निजी एजेंसी को दिए जाने का मुद्दा उठाया। पार्षद रचना देवी ने भी अपने वार्ड से सफाई कर्मचारी सतीश को हटाने की मांग की। इन सभी मुद्दों के चलते बजट चर्चा बाधित हुई और 13 पार्षदों ने विरोध दर्ज कर बैठक का बहिष्कार कर दिया। चेयरमैन ने पार्षदों पर लगाया आरोप चेयरमैन बक्शीराम सैनी ने कहा कि बजट का पूरा विवरण तैयार है, लेकिन कुछ पार्षद जानबूझकर अन्य मुद्दे उठाकर शहरी विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में केवल बजट पर चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं होने के कारण अब तक बजट पास नहीं हो सका है।