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नूंह से लेकर अल-फलाह यूनिवर्सिटी तक: फर्टिलाइजर से तैयार की गई पूरी आतंकी साजिश का खुलासा

Video Desk Amar Ujala Dot Com Updated Fri, 14 Nov 2025 01:01 PM IST

मेवात के नूंह से अमोनियम नाइट्रेट बनाने के लिए फर्टिलाइजर खरीदा गया था। स्पेशल सेल की टीम ने नूंह में छापा मारा है। वहां कई फर्टिलाइजर की दुकानों की वीडियो बनाकर जम्मू कश्मीर पुलिस को भेजा है, ताकि मुजम्मिल उस दुकान की पहचान कर सके जहां से उसने और उमर ने फर्टिलाइजर के तौर पर केमिकल लिया था। यह जानकारी भी सामने आई है कि लाल किला विस्फोट के आरोपी डॉ. मुजम्मिल, डॉ. अदील, उमर और शाहीन ने मिलकर लगभग 20 लाख रुपये नकद जुटाए, ये रुपये उमर को सौंपे गए थे। बाद में उन्होंने गुरुग्राम, नूंह और आसपास के इलाकों से IED तैयार करने के लिए तीन लाख रुपये का 20 क्विंटल से ज्यादा NPK (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम) उर्वरक खरीदा। उमर और डॉ. मुजम्मिल के बीच पैसों का विवाद भी था। उमर ने सिग्नल ऐप पर 2-4 सदस्यों वाला एक ग्रुप बनाया था। जांच एजेंसी के सूत्रों ने यह खुलासा किया है। डॉक्टर उमर और डॉक्टर मुजम्मिल की डायरियां सुरक्षा एजेंसी के हाथ लगी हैं। जिससे अब दिल्ली धमाका के कई  सवालों के जवाब मिलने की संभावना है। यह डायरी मंगलवार और बुधवार को अलफलाह यूनिवर्सिटी के कैंपस के अंदर डॉक्टर उमर के रूम नंबर चार और मुजम्मिल के रूम नंबर 13 से मिली हैं। इसके अलावा पुलिस को एक डायरी मुजम्मिल के उस कमरे से भी मिली है जहां से पुलिस ने धौज में 360 किलो विस्फोटक बरामद किया था और यह अलफलाह यूनिवर्सिटी से महज 300 मीटर की दूरी पर है।मिली डायरी और नोटबुक में कोड वर्ड्स का इस्तेमाल किया गया है, जिनका रेफरेंस आठ से 12 नवंबर के तौर पर भी आ रहा है। सूत्रों की मानें तो डायरी के अंदर ऑपरेशन शब्द का कई बार इस्तेमाल किया गया है।

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