भिवानी के देवसर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से फॉगिंग नहीं करवाने के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीणों ने गांव के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने सरपंच के नेतृत्व में तालाबंदी कर धरना शुरू कर दिया। धरने के दौरान ग्रामीणों ने सिविल सर्जन व देवसर गांव के सेंटर में नियुक्त बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एमपीएचडब्ल्यू) के तबादले की मांग की। सरपंच संजय ने चेतावनी दी कि 10 नवंबर तक दोनों का तबादला नहीं किया तो वह धरना स्थल पर ही आत्मदाह कर लेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। धरने पर बैठे ग्रामीणों व सरपंच संजय ने आरोप लगाय कि गांव में डेंगू और मलेरिया के 100 से ज्यादा मामले हैं। जबकि डेंगू संभावित एक आठ माह के बच्चे की दस दिन पहले मौत हो चुकी है। जबकि स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में अब तक छह मामले ही उपचाराधीन हैं। सरपंच संजय देवसरिया का कहना है कि गांव में करीब 200 ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं। जिनका बापोड़ा, दिनोद और हिसार के निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है। गांव में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। इसी को लेकर गांव में तैनात एमपीएचडब्ल्यू को फॉगिंग कराने के संबंध में बात की थी, लेकिन कई बार कहने पर भी फॉगिंग नहीं कराई गई और नही दवा का प्रबंध हुआ। सरपंच संजय देवसरिया का आरोप है कि एमपीएचडब्ल्यू से जब फोन पर बात करते हैं तो वह अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। इसके बाद उन्होंने सिविल सर्जन से फॉगिंग करवाने व एमपीएचडब्ल्यू की शिकायत की, जिस पर सिविल सर्जन ने भी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया, जिसके रोषस्वरूप ग्रामीणों ने सीएमओ व एमपीएचडब्ल्यू के तबादले की मांग को लेकर सुबह सब सेंटर पर तालाबंदी कर दी और धरना लगा दिया। धरना स्थल पर सुरेंद्र पंच, सुभाष परमार, महेंद्र टेलर, शेरिसंह चौहान, ललित माड़ा, विक्की परमार मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी दे रहे धमकी : सरपंच गांव देवसर के स्वास्थ्य सब सेंटर के बाहर गेट पर ताला जड़ने के बाद धरने पर बैठे सरपंच संजय देवसरिया ने कहा कि सीएमओ और एमपीएचडब्ल्यू का तबादला नहीं हुआ तो 10 नंवबर की सुबह 11 बजे वह धरना स्थल पर आत्मदाह कर लेंगे। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अब भी उन्हें धमकी दे रहे हैं, जबकि उनकी मांग पूरे गांव की सामूहिक मांग है। सरपंच का कहना है कि वह किसी के दबाव में नहीं आएगा और न ही डरेगा। वह अपनी मांग पर डटकर खड़ा रहेगा। मुझे गांव देवसर के स्वास्थ्य सब सेंटर पर ताला जड़ने की सूचना दी गई थी। इसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। गांव के सरपंच का मेरे पास वीरवार रात आठ बजे फोन आया था। जिस पर मैंने उन्हें बताया था कि गांव में फॉगिंग कराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। जबकि बुखार पीड़ित मरीजों की मॉनिटरिंग के लिए लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीम काम कर रही है। मुझ पर अभद्रता के लगाए गए आरोप झूठे और बेबुनियाद है। स्वास्थ्य सब सेंटर पर ताला लगाने की सूचना उपायुक्त को भी दी गई है। - डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।