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भिवानी के किरोड़ीमल पार्क में शुरू हुआ तीन दिवसीय जिला स्तरीय गीता महोत्सव

सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा है कि गीता धर्मग्रंथ ही नहीं है, बल्कि जीवन जीने की एक शैली है। गीता को जीवन में आत्मसात करने की जरूरत है। आत्मसात करने के लिए नागरिकों को कर्म भी करना होगा। सांसद धर्मबीर सिंह शनिवार को किरोड़ीमल पार्क में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। इससे पहले उन्होंने हवन यज्ञ में पूर्ण आहुति डालकर जिला स्तरीय गीता महोत्सव का आगाज किया। सांसद ने कार्यक्रम में विभिन्न विभागों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का बारीकी से अवलोकन किया। सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि गीता में न्याय, नीति और धर्म का संदेश है। इसमें आत्मा और शरीर के संबंधों का उल्लेख है। कर्म में स्थिर चित्त लगाकर भगवान को समर्पित होकर किया गया कर्म सुखद परिणाम देता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण द्वारा गीता के माध्यम से दिया शिक्षा और उपदेश हर युग में व्यवहारिक है। गीता के शब्द सिर्फ व्यक्ति ही नहीं, राष्ट्र की नीति को भी दिशा देते हैं। श्री भगवद गीता में भगवान कृष्ण ने लोक कल्याण के लिए कार्य करने का निर्देश दिया है। सांसद ने कहा कि बाहरी तत्वों ने आकर देश में पूरे सिस्टम को तोडऩे का काम किया है और अब कलयुग में अनेक बीमारियां आ गई हैं। इसके परिणामस्वरूप लोग अब स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल की ओर तरफ बढ़ रहे हैं।

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