शहर के ढाणा रोड स्थित ईदगाह में बकरीद के अवसर पर नमाज अदा की गई। इस मौके पर लोगों ने नमाज अदा करने के बाद एक दूसरे को गले लगा कर बधाई दी। जिला पुलिस के द्वारा नमाज अदा करने वाले स्थान के आसपास पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं। भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, ताकि कोई अप्रिय घटना ना हो। प्रधान जोरावर अली ने बताया कि ईद-उल-जुहा यानी बकरीद है और इस दिन एक दूसरे के गले मिलने से जहां गिले शिकवे दूर होते हैं, वहीं ऐसा लगता है मानो सारे जहां की खुशियां मिल गई। उन्होंने बताया कि बकरीद की शुरुआत पैगंबर हजरत इब्राहिम ने की थी। उन्होंने ही सबसे पहले कुर्बानी देना शुरू किया था। एक बार अल्लाह ने उनसे सबसे प्यारी चीज कुर्बान करने के लिए कहा था। तब पैगंबर हजरत इब्राहिम ने अपने बेटे की कुर्बानी करने का फैसला लिया था जो उन्हें सबसे प्यारा था। लेकिन उसकी जगह एक बकरे की कुर्बानी दी गई तभी से बकरीद पर्व मनाया जाता है।