हरियाणा में अग्निशमन विभाग की हड़ताल शनिवार से अनिश्चितकालीन हो गई है। सरकार द्वारा मांग पूरी ना करने पर ये फैसला लिया गया है। अब आग बुझाने की घटनाओं की जिम्मेदारी भी स्वयं सेवकों के कंधों पर आ गई है। हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के राज्य महासचिव गुलशन भारद्वाज ने कहा कि 16 फरवरी को फरीदाबाद में आग बुझाते समय दमकल के दो कर्मचारी और एक पुलिस कर्मी शहीद हो गया था। लेकिन सरकार ने पुलिस कर्मी को शहीद का दर्जा देकर उसके परिवार को एक करोड़ रुपये तथा नौकरी दी, हमारे दोनों शहीद कर्मचारियों के परिवारों को कुछ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मचारी की तरह इन्हें भी शहीद का दर्जा, परिवार को एक-एक करोड़ रुपये व एक सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही भविष्य में ऐसे हादसों को लेकर सहयोग की स्थाई व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ ही गुलशन भारद्वाज ने कहा कि ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी बंद हो क्योंकि हमारे लिए नई जगह जानकारी के अभाव में जानलेवा होगी। उन्होंने कहा कि हमें मुख्यमंत्री राहत कोष से खैरात नहीं चाहिए, एक करोड़ रुपए की मदद व सरकारी नौकरी का भरोसा चाहिए। भारद्वाज ने चेतावनी दी कि मांग पूरी होने और उसका पत्र जारी होने तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। गर्मी के मौसम में दमकल विभाग पहले से ही हाई अलर्ट पर किया गया है। ऐसे में दमकल कर्मचारियों की हड़ताल किसी भी बड़ी घटना पर भारी पड़ सकती है।