रविवार को पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु भाजपा युवा नेता हर्षवर्धन मान के घर जलपान पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उनकी कोठी में आगजनी के आरोपितों की रिहाई के सवाल पर कहा कि यह पूरा मामला व प्रकरण राजनीति से प्रेरित था। 2014 में जिनकी सरकार गई वो हार की पीड़ा में भाजपा की सरकार को अस्थिर करना चाहते थे। रोहतक में अव्यवस्था फैला कर दूसरी पार्टियों को भी अपने जिलों में ऐसा करने के लिए उकसा रहे थे। उन्होंने (हुड्डा) कई शहरों में राजनीतिक प्रतिशोध के चलते आगजनी व लूटपाट करवाई है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वो अभी मेरा खेल खत्म मान कर खुश ना हों, अभी तो हमारे बहुत मुकाबले बाकी हैं। वहीं मुख्यमंत्री नायब सैनी को डमी कहने वाले विपक्ष पर कैप्टन ने कटाक्ष करते हुए कहा कि हरियाणा की सरकार दिल्ली से अब नहीं, दिल्ली से तब सरकार चलती थी, जब सरकार के दामाद को जमीनें दी गई। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि पूरी कांग्रेस को एक व्यक्ति की जेब में डाला, जिसे समाज ने स्वीकार नहीं किया। कांग्रेस की सरकार बनाने की नियत ही नहीं थी। उन्होंने अपने ही नेताओं को धक्के मारे, गाली दी।