सुप्रीम कोर्ट द्वारा सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों (स्ट्रीट डॉग्स) को हटाकर शेल्टर होम में भेजने के हालिया आदेशों के खिलाफ भिवानी में विरोध के स्वर मुखर हो गए हैं। रविवार को गोरक्षा दल भिवानी के बैनर तले बड़ी संख्या में गोरक्षक रोहतक गेट पर एकत्रित हुए और इस फैसले के विरोध में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व गोरक्षा दल के प्रधान संजय परमार ने किया। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि यह आदेश व्यावहारिक नहीं है और इससे बेजुबान जानवरों के जीवन पर संकट खड़ा हो जाएगा। गोरक्षकों ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए और इसे वापस लिया जाए। गोरक्षा दल भिवानी के प्रधान संजय परमार ने बुनियादी सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश तो दे दिया कि स्ट्रीट डॉग्स को उठाकर शेल्टर में रखा जाए, लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि देश भर में अभी ऐसे शेल्टर होम ही मौजूद नहीं हैं, जहां लाखों की संख्या में इन कुत्तों को रखा जा सके। बिना पर्याप्त व्यवस्था, भोजन और देखरेख के इन कुत्तों को बंद कर देना उनके प्रति क्रूरता होगी। वहां उनकी केयर करने वाला कोई नहीं होगा, जिससे उनकी मौत निश्चित है। परमार ने कहा कि वर्तमान में नगर परिषदों और पालिकाओं के पास आवारा कुत्तों के लिए कोई व्यवस्थित बुनियादी ढांचा नहीं है। यही नहीं यदि किसी जगह पर कुत्तों को एक साथ बंद कर दिया गया तो उनके बीच आपसी संघर्ष और बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि इस फैसले पर रोक नहीं लगाई गई या वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। प्रदर्शन के अंत में गोरक्षकों ने प्रशासन के माध्यम से एक मांग पत्र भी भेजा, जिसमें पशु कल्याण की दिशा में अधिक मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की गई। इस अवसर पर रक्षक अमन पांडे, कुकी परमार, गोलू, हेमंत सोनी, आकाश भाटी, शुभम चहल, मोनू भगत सिंह ग्रुप, शिवा कोटा मौजूद रहे।