देश के लिए पदक जीतने की बात हो तो भिवानी के खिलाड़ी सबसे आगे रहते हैं। लेकिन फिलहाल शहर में स्थित एकमात्र खेल परिसर भीम स्टेडियम के हालात बदहाल हैं। स्टेडियम में ही स्थित हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान को बने दस साल का समय हो चुका है। लेकिन ग्राउंड में खिलाड़ियों को खेल की सामान्य सुविधाओं से भी महरूम होना पड़ रहा है। हॉकी स्टेडियम में ग्राउंड की लाइटें, मैट, जाली व पानी की पाइप लाइन काफी समय से खराब है। खिलाड़ी खस्ताहाल मैदान पर अभ्यास करने को मजबूर हैं। इस कारण खिलाड़ियों को अभ्यास करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्टेडियम में प्रतिदिन 150 खिलाड़ी अभ्यास करने आते हैं। स्टेडियम से अभ्यास कर खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं। लेकिन फिलहाल भविष्य के उभरते खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खिलाड़ी खस्ताहाल स्टेडियम पर ही अभ्यास करने को मजबूर हैं। बता दें कि स्टेडियम में खिलाड़ी सुबह 6 से साढ़े सात बजे तक और शाम को 4 से सात बजे तक अभ्यास करते हैं। लेकिन मैदान में खिलाड़ियों के लिए उचित प्रबंध नहीं है। बारिश के बाद और जिले के कुछ गांवों में बनी बाढ़ की स्थिति के बाद ग्रामीण इलाके के कई स्टेडियम पानी में डूब गए थे। ऐसी स्थिति में तो ग्रामीण इलाकों के खिलाड़ी भी भीम स्टेडियम में अभ्यास के लिए पहुंचने शुरू हो गए थे। ऐसे में स्टेडियम में भी अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। सीनियर खिलाड़ी कुलवंत ने समस्याओं के बारे में बताते हुए कहा कि हॉकी मैदान पर अभ्यास कर खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पदक जीत चुके हैं। लेकिन फिलहाल हालात बिगड़ी हुई है। प्रशासन को जल्दी से समस्याओं का समाधान करना चाहिए ताकि खिलाड़ियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।