भिवानी। श्रावण माह के प्रथम सोमवार पर छोटी काशी भिवानी भगवान शिव की भक्ति में पूरी तरह सराबोर नजर आई। शहर के छोटे-बड़े सभी शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का गंगाजल, दूध, दही, बेलपत्र, भांग और धतूरे से विधिवत अभिषेक एवं पूजन कर परिवार, समाज और देश की सुख-समृद्धि तथा शांति की कामना की। शहर के प्रसिद्ध जोगीवाला शिव मंदिर धाम में प्रातः 4 बजे से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया, जो देर रात तक लगातार जारी रहा। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के साथ भक्तिमय वातावरण बना दिया। जोगीवाला शिव मंदिर धाम के महंत वेदनाथ महाराज ने बताया कि समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान शिव ने लोककल्याण के लिए अपने कंठ में धारण किया था। विष की उष्णता को शांत करने के लिए देवी-देवताओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। तभी से श्रावण मास में शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने कहा कि गंगाजल के साथ दूध, दही, बेलपत्र, भांग और धतूरा अर्पित कर भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा विश्व में सुख, शांति और मंगल की कामना की जाती है।